मैं फूल ही
बनी रहूंगी
ताउम्र
तुम लाख कोशिश कर लेना
मुझे एक चुभते हुए,
जख्मी करते हुए,
दर्द देते हुए
एक शूल में
परिवर्तित नहीं कर पाओगे
मेरी परिस्थितियां कभी इतनी
विषम, विपरीत व असहज नहीं होगी कि
मैं किसी के हाथों की कठपुतली बन जाऊं
किसी के हाथों ने कभी नापाक
इरादों से जो मुझ तक पहुंचने की कोशिश करी तो या तो
वह मेरे द्वारा काट
दिये जायेंगे या
मैं उससे हमेशा के लिए
एक लंबी दूरी बना लूंगी या
उसे इस कदर त्यागूंगी कि
कभी किसी कार्यवश खोजने पर भी उसके
हाथ नहीं आऊंगी।
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