काश
मेरे जीवन की
आखिरी सांस तक
मेरा मन
एक बच्चे सा ही
मासूम बना रहे और
मैं एक पेड़ से झड़े
सूखे मुरझाये पत्तों के संग
खेलकर ही
दुनिया भर की
तमाम खुशियां
पाने का
हुनर और हौसला
खुद के भीतर
कहीं गहरे
बनाये रखूं।
काश
मेरे जीवन की
आखिरी सांस तक
मेरा मन
एक बच्चे सा ही
मासूम बना रहे और
मैं एक पेड़ से झड़े
सूखे मुरझाये पत्तों के संग
खेलकर ही
दुनिया भर की
तमाम खुशियां
पाने का
हुनर और हौसला
खुद के भीतर
कहीं गहरे
बनाये रखूं।
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