मेरा दिल तो है
एक मोम सा
न जाने कैसे जी पायेगा
इस पत्थर दिल दुनिया में
सांसों का दरिया भी बहता रहे जो
एक लंबे समय तक तो
गनीमत है
यह रुक जाये किसी रास्ते के पत्थर से टकराकर तो
इसमें न कोई अचरज है
किसी ने इसमें जो आग लगा दी तो
यह पिघल जायेगा
इसमें न फिर कुछ बाकी रह जायेगा
आग लगाने वाला खुद तो रोशनी के उजाले से भर जायेगा लेकिन
मुझे अंधेरों में झोंककर हमेशा के लिए खामोश कर जायेगा।
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