मिट्टी सा ही बने रहना है जीवन पर्यंत


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पैसे की खनक

सोने की दमक

तुम्हें मुबारक हो

मुझे तो चाहिए

मेरे हाथों में पड़ी हुई

कांच की चूड़ियों की खनक

चेहरे पर मेरे एक चमकते

सूरज की सच्चाई सी दमक

जो कुछ हो प्राकृतिक हो

न हो कुछ बनावटी

पास मेरे

मिट्टी में मिलना है जो

अंत में तो

मिट्टी सा ही बने भी रहना है

जीवन पर्यंत

मिट्टी मेरे साथ रहेगी

आखिरी सांस तक

न कि मेरे जिस्म से लिपटा

सोने का कोई गहना।


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