भाई बहन का रिश्ता
एक पवित्र जल की धार के समान
होता है जो
समय के साथ
अपना रंग,
रूप,
स्थान,
गति,
नाव,
धार,
माझी की पतवार आदि तो
छोड़ सकता है लेकिन
अपने किनारों का सहारा बनकर
उनके साथ साथ बहना
कभी नहीं छोड़ सकता।
भाई बहन का रिश्ता
एक पवित्र जल की धार के समान
होता है जो
समय के साथ
अपना रंग,
रूप,
स्थान,
गति,
नाव,
धार,
माझी की पतवार आदि तो
छोड़ सकता है लेकिन
अपने किनारों का सहारा बनकर
उनके साथ साथ बहना
कभी नहीं छोड़ सकता।
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