कुछ पीछे छूटता है
इस संसार में तो
बहुत कुछ मिलता भी है जो
अपने कदम आगे बढ़ाओ
हौसले से भरे
जीवन के रास्तों पर
मंजिल के निशान ढूंढते
फूलों की वादियों में से जो
चुन सको तो फूल चुनो
कांटों के बीच से यूं तो
गुजरना ही पड़ेगा पर
उन्हें पीछे छोड़ दो
भुला दो
बिसरा दो
फूलों की महक से खुद को
महका लो
थोड़ी बहुत कांटों की चुभन
बर्दाश्त कर लेने में भी
कोई बुराई तो नहीं।
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