एक ख्वाब था जो
साकार हुआ
आसमान से बारिश बरसी और
मुझे तुमसे प्यार हुआ
दोनों के दिलों में प्रेम अग्न
बराबर की लगी हुई है
उस पर पड़ रही बारिश के जल की
बूंदे भी बेअसर हैं
प्यार का खुमार है
मौसम बेईमान है
बस बेखबर से हम
बहकते चले जायें
यही आज हम दोनों का अरमान है
आसमान का पहरा
उसके नीचे
पेड़ों के पत्तों के झुरमुटों का
साया
उसके नीचे इंद्रधनुष सी
तनी छतरी का शामियाना
उसके नीचे हम दो प्रेमियों का
दो जिस्म एक जान में बसा
प्रेम का आशियाना।
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