परिवार


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मेरा परिवार तो मेरे

मां बाप ही थे

उनके देहांत के पश्चात तो

कोई दूर दूर तक अपना सा

प्रतीत नहीं हो रहा

परिवार की तो मेरी परिभाषा ही

बदल गई है

घर परिवार में भी अधिकतर लोग

गंदी राजनीति के खेल में ही संलग्न है

इस तरह के लोग चाहे कहीं भी हो

वह किसी को क्या सहारा देंगे और

क्या किसी को प्रेरित कर पायेंगे

उनका साथ आपको जलाकर रख देगा

हाथ कुछ नहीं आयेगा

एक जिंदा लाश बना देंगे वह सब मिलकर

आपको

मरने से पहले आपकी न जाने कितनी बार

जीते जी चिता जलायेंगे और

आपकी राख आपके बदन पर मलकर

उसकी चिंगारियों से आपको नहलायेंगे

अभी तो यह सब तब है जब आप

कहीं से भी कमजोर नहीं

हर तरह से मजबूत हैं

किसी को बिना कारण प्रताड़ित करना और

एक लंबे समय तक करते रहना

यह एक अपराध की श्रेणी में आता है

आज के संदर्भ में

हर किसी को चाहिए कि वह खुद को इस दलदल से

बाहर निकाले

प्यार ही हर किसी के जीवन की वजह,

रास्ता और मंजिल होनी चाहिए

इस तरह की घृणा और अवसाद नहीं

कीचड़ जो उछालोगे खुद पर तो

खुद पर भी एक आधा

छींटा तो अवश्य ही पड़ेगा

दूसरों के लिए गड्ढे खोदकर

खुद साबुत बचे रह सकेंगे

यह भूल जायें

ऐसा कदापि नहीं होगा।


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