परिंदे उड़ते हैं तो उन्हें उड़ने दो


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परिंदे उड़ते हैं तो
उन्हें उड़ने दो
मत कहो उन्हें कि
वह अपनी उड़ान रोकें
आसमान से जमीन पर उतरें
तुम्हारे पास आकर बैठें क्योंकि
यह तुम चाहते हो
तुम तो वह करना सीखो जो
वो चाहें
जिस काम को करके
वह खुश होते हों
अपनी जिंदगी के रास्ते तय करते हों अपनी मंजिल पाते हों
अपने ख्वाबों को अपनी पलकों की चिलमन पर
सजाते हों
तुम उनके रास्ते के बीच में आते क्यों हो
तुम एक छोटी सी बात को समझ
क्यों नहीं लेते कि
तुम उनके कोई नहीं हो
न रास्ता
न मंजिल
न ख्वाब
न हकीकत
न अपने
न पराये
यह एक प्रतिशत भी झूठ नहीं
कड़वा है लेकिन
सौ फीसदी सच है।


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