नूतन वर्ष है
नूतन होगा इसका हर रंग, हर रूप, हर अंग, हर अदा और हर छटा
यह आशा है
उम्मीद है
पूर्ण विश्वास है
फूलों की सुगंध से लबरेज हो
हर किसी के लिए इसका हर पल
यह दिल से निकल रही एक दुआ है कांटों का कहीं न हो नामो निशान
चांदनी रात सा सुहाना सफर हो
सितारों की बरसात हो
सूरज की सुनहरी किरणों का भी
हर कदम पर साथ हो
दीपक खुशियों का जलता रहे
जगमगाता रहे, झिलमिलाता रहे
साल भर यह न बुझे
न हवाओं का, न आंधियों का
इस पर कोई दुष्प्रभाव पड़े
एक सुरमई नूर सा बरसता रहे हर किसी के घर आंगन
अंधेरी रातों में भी एक उज्जवल
चांदनी में जैसे धुली सी कोई उम्मीद की किरण मन में लहराती रहे।
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