धरती मां की पुकार


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जागो

उठो ऐ पृथ्वी वासियों कि

यह धरती मां तुम्हें पुकार रही

आगे बढ़ो

सब मिलकर

कुछ ऐसे कार्य करो कि

पृथ्वी और इसके वातावरण को

संरक्षित करो

पृथ्वी की यह मांग कि

मेरी धरा को साफ सुथरा रखो

इसे मैला मत करो

प्लास्टिक का उपयोग त्याग दो

अपने पास बाजार से सामान

लाने के लिए

कपड़े का एक थैला रखो

प्रकृति की पीली पड़ती मुर्झाती

हरियाली सबसे गुजारिश

कर रही कि

थोड़ा प्रयास करो और

उसे हरा भरा रखो

नई पौधों को मिट्टी में

रोपित करो और

भविष्य अपना सुनहरा

और स्वस्थ हरा भरा देखो

पानी की एक बूंद व्यर्थ न बहाओ

जब यह देखो तो इसे पानी नहीं

बल्कि अपने रक्त की एक बूंद समझो

भोजन को खेत खलियान से लेकर

रसोईघर तक कहीं

बर्बाद मत करो

इसके पदचिन्हों का अनुसरण करो

स्वस्थ उगाओ और स्वस्थ भोजन ही

खाओ

भोजन नष्ट न करो अपितु

उसे गरीब और

जो हों भूखे पेट उन्हें खिलाओ

यह पृथ्वी तुम्हारा घर है

इसे सुंदर बनाने का जिम्मा

उठाओ

इसके प्रति अपना कर्तव्य निष्ठापूर्वक निभाओ

खुद को और सबको इसमें

शामिल करने के लिए

एक जागरूकता अभियान चलाओ

इस पृथ्वी लोक को

एक सुंदर एवं सुखद

रह सकने योग्य

स्थान बनाओ।


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