दिल में कुछ कहने को है ही नहीं तो
कहूं क्या
दिल पूरा है खाली
इसे और खाली करूं क्या
कोई सोचेगा
न जाने मैं कैसी बातें करती हूं तो
उन्हें यह सोचने दो
उनका काम ही कुछ न कुछ सोचते रहना है
अपना तो दिल साफ है
किसी के बारे में कोई ख्याल बनाता ही नहीं तो
फिर कैसे अफवाहों का बाजार गर्म होगा और
किसी के खिलाफ साजिशों का कोई अंबार सजेगा।
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