दिल के उपवन का उत्सव हो एक दिल सा ही विशाल


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उत्सव मनाने के लिए

किसी साल, महीने, सप्ताह, दिन या 

समय का इंतजार करने की 

आवश्यकता नहीं

इसके लिए कोई तैयारी न करें

बस मन को सदैव तत्पर रखें और

हर क्षण दिल के उपवन में

अपनी पसंद का उत्सव मनाते रहें

यह उत्सव विशाल होना चाहिए

आपके एक विशाल दिल की तरह ही 

अपने इस घर में हर किसी का

स्वागत करें

हर किसी को इसमें शामिल करें

हर किसी को इसमें सम्मिलित होने का न्योता दें

किसी से कोई भेदभाव न करें

हर किसी को अपने सामर्थ्य के अनुसार मान दें

सम्मान दें

प्यार दें

एक बरगद के पेड़ की तरह ही

अपनी बाहें हर दिशा में

फैला दें और

अपनी जड़ें भी

मिट्टी के भीतर फैलाकर

अपनी पकड़ हर तरह से

मजबूत करें

दिल से दिल की राह तलाशें  

दिल से दिल के संबंध जोड़ें

दिल के आईने में हर किसी

को उतारें

किसी को तन्हा, परेशान या

तंगहाली में कभी न छोड़े।


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