कोई हाथ जो न थामे तो
अपने एक हाथ से अपना दूसरा हाथ पकड़ना
दर्द की राह चाहे कितनी हो कठिन
एक सुकून भरी मंजिल की आस दिल में संजोए
हमेशा मुस्कुराते हुए चलना।
कोई हाथ जो न थामे तो
अपने एक हाथ से अपना दूसरा हाथ पकड़ना
दर्द की राह चाहे कितनी हो कठिन
एक सुकून भरी मंजिल की आस दिल में संजोए
हमेशा मुस्कुराते हुए चलना।
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