तुम्हारा लिखा पत्र
मेरे पते पर पहुंचता कैसे
जब वह लिखा ही किसी
अन्य के लिए था
प्यार जताया था मुझसे
प्यार भरा पत्र लिखा
किसी और के नाम
कुछ लोग सच में बड़े
अजीब होते हैं
कभी समझ नहीं आते
उनके लिखे पत्रों से
कितना भी प्रेम टपके
शहद की मीठी बूंदों की तरह
लेकिन ऐसे लोग प्यार के
काबिल नहीं होते
जिस किसी के गले पड़ते होंगे
वह भी न जाने कैसे
निभाते होंगे ऐसे लोगों
को
जी में आता है
ऐसे लोगों के प्रेम
पत्रों को बिना पढ़े
उनमें फूल नहीं
कांटों का हार रखकर
उसे हाथ जोड़कर
उनसे हमेशा के लिए
छुटकारा पाने के लिए
उन्हें वापस लौटा देना
चाहिए।
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