तस्वीरें सच का आईना नहीं होती


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तस्वीरें कभी सच का आईना

नहीं होती

तस्वीरों में कोई मुस्कुराता दिखे तो समझना कि 

वह भीतर से रो रहा है 

तस्वीरों में प्यार झलकता दिखे तो

वह आदमी चारों तरफ से मार खा रहा है 

तस्वीरों में अपनापन यह साफ तौर पर कह रहा है कि 

इस दुनिया में

कोई अपना नहीं

सब दिखावा है

सब आडंबर है

हर कोई यहां पराया है

अजनबी है

हर कोई अपना खेल

खेल रहा है और

खुद को एक बहुत बड़ा

खिलाड़ी समझ रहा है

तस्वीरों में झूठ को मत रंगो

सच्चाई के रंग से

जिंदगी में कभी तो कोशिश

करो किसी का दिल

पल भर के लिए ही रखने की।


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