अपने कमरे की खिड़की से झांककर बाहर जो देख रही हो तुम किसी फूल की तरफ तो
वह भी तुम्हारे चेहरे की तरफ देखकर कह रहा है
उदास क्यों हो, थोड़ा सा तो मुस्कुराओ कि
जो तुम नहीं मुस्कुराई तो इतना जान लेना कि जिंदगी भर फिर कभी मैं भी नहीं मुस्कुराऊंगा।
अपने कमरे की खिड़की से झांककर बाहर जो देख रही हो तुम किसी फूल की तरफ तो
वह भी तुम्हारे चेहरे की तरफ देखकर कह रहा है
उदास क्यों हो, थोड़ा सा तो मुस्कुराओ कि
जो तुम नहीं मुस्कुराई तो इतना जान लेना कि जिंदगी भर फिर कभी मैं भी नहीं मुस्कुराऊंगा।
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