जीवन में
सफलता या
असफलता जैसा कुछ भी नहीं होता
यह सब तो एक भ्रम जाल है
दुनियावी है
अपने मन की एक सोच मात्र है
एक रास्ता पार करना है
एक पड़ाव पार कर लिया तो
इसे कोई चाहे तो सफलता
मान सकता है
पैर फिसल गया
गिर पड़े
चोट लगी तो
क्या यह असफलता है!
रास्ता पूरा कर लिया या
किसी कारणवश रह गया
अधूरा तो
क्या हुआ
कुछ भी तो नहीं
देखना बस यह है कि
पैर फिसलने का कारण क्या था
खुद को दुरुस्त करके
इस बार पूरी तैयारी के साथ
फिर निकलो उसी सड़क पर
रास्ता तय करने
इस बार देखना
पैर फिसलने के संयोग स्वाभाविक रूप से
पहले से कुछ कम हो जायेंगे
इससे साबित हुआ कि
तुमने किसी असफलता से
सबक लिया और
फिर बहुत ही आसानी से
उस कार्य को पूरा किया
सफलता को हासिल किया।
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