हाथ उठ रहे हैं सबके
आसमान की तरफ कि
यह दुआ कबूल हो जाये
आज जैसे स्वस्थ और प्रसन्न हैं
जिंदगी के आखिरी मोड़ पर भी ऐसा ही खुद को पाएं।
हाथ उठ रहे हैं सबके
आसमान की तरफ कि
यह दुआ कबूल हो जाये
आज जैसे स्वस्थ और प्रसन्न हैं
जिंदगी के आखिरी मोड़ पर भी ऐसा ही खुद को पाएं।
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