आसमान में
कभी बादल है तो
कभी बारिश
जिंदगी में कभी धूप है तो
कभी छांव
दिल कभी खुश है तो
कभी गमगीन
आंख कभी भर आती है तो
कभी लब मुस्कुरा उठते हैं
फूलों पर कभी बहार हैं तो
कभी पेड़ पत्तों पर पड़ती पतझड़ की
मार है
यह जीवन का सफर कभी
जल की धारा सा बहता
सरल है, सहज है,
स्थिर है, शांत है, सौम्य है तो
कभी कहीं से
एकाएक बरपे आंधी तूफान
जिंदगी में कहर ढा देते हैं
किसी व्यक्ति के जीवन के
उपवन में लगे हुए
समस्त पेड़ पौधों को जड़ समेत
उखाड़ फेंकते हैं
सब कुछ तहस-नहस हो जाता है
एक पल में
जिंदगी संभलने का मौका भी
नहीं देती कई बार
जिंदगी की कहानी कहने को
कुछ रह नहीं जाता और
कई बार तो न कोई कहने वाला
बचता और
न ही इसे कोई सुनने वाला।
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