जिंदगी और मौत के बीच दूरी
चंद लम्हों की होती है
जिंदगी गले लगा लेती है मौत को और
मौत ठुकरा देती है जिंदगी को
उसके पास कोई विकल्प भी नहीं होता
दोनों को एक दूसरे का हमसफर बनकर निकलना होता है
आगे की यात्रा पर।
जिंदगी और मौत के बीच दूरी
चंद लम्हों की होती है
जिंदगी गले लगा लेती है मौत को और
मौत ठुकरा देती है जिंदगी को
उसके पास कोई विकल्प भी नहीं होता
दोनों को एक दूसरे का हमसफर बनकर निकलना होता है
आगे की यात्रा पर।
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