जिंदगी
एक खेल है दौड़ का
जीत हो या हो हार
कोई आगे हो या कोई पीछे
कोई ताकतवर हो या कमजोर लेकिन
दौड़ना तो सबको पड़ता है
अंतिम श्वास तक
दौड़ते रहना ही
सबकी नियति है।
जिंदगी
एक खेल है दौड़ का
जीत हो या हो हार
कोई आगे हो या कोई पीछे
कोई ताकतवर हो या कमजोर लेकिन
दौड़ना तो सबको पड़ता है
अंतिम श्वास तक
दौड़ते रहना ही
सबकी नियति है।
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