खुद से खुद का रिश्ता


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आज

एक नये रिश्ते की शुरुआत

करते हैं

किसी दूसरे से नहीं

खुद से ही खुद का रिश्ता जोड़ते हैं

रिश्ता खुद से नहीं बना सको तो

किसी आदमी से कभी मत बनाना

आदमी से बेहतर तो पशु है

अपनी जात पर तो

कायम रहता है

आदमी की तो कोई जात ही

नहीं है

वह तो पल पल अपने रंग बदलता

है

उसे पहचानना है टेढ़ी खीर

प्यार तो मिलेगा नहीं

धोखा ही हाथ लगेगा

किसी पशु को अपने पास

रखकर पाला तो

मनोरंजन तो होगा

सच्चा प्यार मिलेगा

घर में एक खुशियों का मेला

सजेगा

खुद से जो रिश्ता कायम

कर पाने में हुए सफल तो

खुदा को पा लोगे

खुद से जो करने लगे प्यार तो

दूसरों को भी तुम प्यार करने

लगोगे

खुद का साथ प्रिय लगने

लगा तो

दूसरों को भी तुम

अपने जीवन में आने

दोगे

उन्हें उनकी योग्यतानुसार स्थान दोगे

खुद को जो चाहने लगे तो

सबसे मोहब्बत तुम करने लगोगे

खुद को खुश रखो

खुद को संभाल लो

खुद को आगे बढ़ा पाओ तो

यही सब तुम दूसरों के साथ भी

कर पाओगे

खुद में करोगे जो गुणों का विकास

खुद को बनाओगे कुछ करने योग्य

खुद को संवार पाये तो

पूरी कायनात को तुम संवार कर

सुंदर बना पाओगे।


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