न जाने जिंदगी को
किस चीज की तलब उठ रही है
देखा जाये तो सब कुछ तो है
इसके पास
खुद की तलाश है या
इस दुनिया के बाशिंदों के दिलों में बसी अपनी छवि जो हो खुद के लिए मोहब्बत लिए की तलाश है
कुछ समझ नहीं आ रहा
यह जिंदगी का ऐसा मोड़ है कि
शायद अब जिंदगी है क्या का
सही अर्थ समझ आना आरंभ हो
गया है
वह भी शायद पहली बार
इस बार यह सफर जारी भी रहेगा हमेशा के लिए।
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