कैक्टस से


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कैक्टस से

हमेशा कांटों को ही निकलते नहीं

फूलों को भी उपजते हुए देखा करो

दिल के रेगिस्तान से 

जो उगते हैं कैक्टस 

उसे आसमान की पथरीली जमीन पर खिला

चांद का एक फूल 

समझा करो।


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