ऐ सुंदर सड़क


0

ऐ सुंदर सड़क
सुनो तो सही
पल भर को ठहरो तो सही
मेरी आवाज को अपने कानों में भरो तो सही
कहां भागती चली जा रही हो
मुझे पीछे छोड़कर
तन्हा छोड़कर
अपने हाल पर छोड़कर
इतनी जल्दी में
इतनी तेजी में
इतनी हड़बड़ी में
आखिर तुम क्यों हो
आसमान को छूने की ख्वाहिश है तुम्हारी या
खेतों की पगडंडियों पर चलने की या किसी जंगल की हरियाली में
समाने की या
किसी एकांत में समाधि में लीन
हो जाने की या
दुनिया की भीड़ को पीछे छोड़
खुद में कहीं खुद को या
खुदा को तलाशने की
तुम चाहो तो मैं तुम्हारा
साथ दूं
तुम्हारी कोई मदद करूं
तुम्हारी इस सोच के दायरे में
प्रवेश करूं लेकिन
यह सब तभी संभव हो सकेगा ना
जब तुम्हें यह गुमान हो कि
मैं तुम्हारे पीछे पीछे चल रहा हूं।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals