एक सुखद मिलन


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यह तेरा हाथ है

कोमल सा

नाजुक सा

मेहंदी रचा

मेरे हाथ में है

तू भी है एक फूल सी

कोई सुंदर परी

चेहरा तेरा एक हूर सा

बरसता उससे कोई जादुई नूर सा  

मुझे रूहानी बना देती

तेरी हर इक अदा

किसी का साथ छूटे तो छूटे

खुदा से मेरी यह फरियाद

यह जो दिल का तुझसे रिश्ता जुड़ा है

यह न कभी टूटे किसी एक चटके हुए

शीशे सा

माथे पर तेरे मेरे नाम की

बिंदिया सजती रहे

हाथों में तेरे चूड़ियां खनकती रहें

तू दूर कभी न जाये

करीब जो आये तो

तेरे पैरों की पायल छनकती रहे

तेरी आंख में कभी एक आंसू न

आने दूंगा

यह मेरा तुझसे वादा है

वफा करूंगा

तुझसे उम्र भर मोहब्बत करूंगा

तेरे होठों पर अपनी मुस्कान

धरुंगा

यह इस नाचीज़ का तुझे

एक प्यार भरा तोहफा है

यह दिल से दिल का

एक सुखद मिलन है

न कोई दुनियावी बात या

सौदा है।


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