एक दीवार पर लगा आईना


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एक दीवार पर लगा

आईना

दीवार की सुंदरता के साथ साथ

जो कोई अपने को उसमें

झांक कर देखे

उसकी छवि सच्चाई से

उसके सामने उजागर कर देता है

आईना हमेशा सच ही

बोलने की कोशिश करता है

उसके सच को थोड़ा सा

झुठलाया जा सकता है

कमरे में रोशनी को कम

करके

उसकी सतह को थोड़ा सा

धुंधला करके

अपनी छवि को बहुत करीब से

नहीं,

थोड़ा दूर से निहार कर

इस तरह से अपने चेहरे की

सुंदरता को कोई थोड़ा सा

बढ़ा सकता है और

कुछ समय के लिए

खुश हो सकता है

आईना भी इस खुशी में

शामिल हो जाता है

क्योंकि यह बेशक

सौ प्रतिशत एक सच्चाई

नहीं है लेकिन

एक खूबसूरत झूठ है

किसी के दिल को सच्चाई से

खुश करता हुआ।


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