उसका स्वभाव है
एक घिसे पिटे टायर सा
यह टायर अभी और घिसेगा
कितनी भी इसमें हवा भरो
कितने भी पंचर क्यों न जोड़ लो
कितनी भी इस पर मेहनत क्यों न कर लो लेकिन
यह नहीं सुधरेगा
यह तो अभी और बिगड़ेगा
मेरा समय नष्ट करवायेगा
अपना रास्ता भी तय नहीं करेगा
एक चमकती हुई गाड़ी का यह हिस्सा बनने योग्य नहीं
इससे दूरी बना लेना बेहतर
इसे अपने हाल पर छोड़ देना ही ठीक है कुछ लोग
कुछ वस्तुयें
कुछ घटनाक्रम
इस संसार में ऐसे होते हैं जो
हमदर्दी के काबिल नहीं होते
उन पर ध्यान केंद्रित करो तो
वह तुम्हें तुम्हारी ही राह से भटकाते हैं
और तुम्हारे उपकार के बदले
तुम्हारा निरंतर अनादर करते हैं।
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