कल का वह एक पल
खुशनुमा था पर
कहीं ठहरा नहीं
वह पल जो कल था
कल में ही बदल गया
आज वह कल वाला पल
मुझे कहीं मिल नहीं रहा लेकिन
मेरी पलकों पर तैर रहा है
वह आज भी
समय गुजरता रहता है
पलों को साथ लिए
उन्हें वह फिर कभी लौटाता नहीं
लेकिन एक यादों का पटल ही है जो
उन्हें संजो के रख सकता है
उन्हें जब चाहे देख सकता है
महसूस कर सकता है
जी सकता है
एक गुजरे हुए समय के पलों को
जब चाहे अपनी यादों के
झरोखे से झांककर हूबहू
बखूबी
जैसा था वह पल कल
वैसा ही आज भी को
नजरों में भर सकता है।
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