उम्मीद को हरदम
जिन्दा रखो
दर्द को
एक पल को
भुला दो
दिल को हमेशा
जवान रखो
धक धक करता
धड़कता रखो
आंखों में
चमक लाकर
सीना चौड़ा करके
उम्र को
चाकू की नोक पर रखकर
थोड़ा सा तो
मुस्कुरा दो।
उम्मीद को हरदम
जिन्दा रखो
दर्द को
एक पल को
भुला दो
दिल को हमेशा
जवान रखो
धक धक करता
धड़कता रखो
आंखों में
चमक लाकर
सीना चौड़ा करके
उम्र को
चाकू की नोक पर रखकर
थोड़ा सा तो
मुस्कुरा दो।
0 Comments