आजा आजा
आसमान से उतरकर
आजा
मेरे आगोश में समा जा
मेरी रूह को लुभा जा
मेरे दिल का साज बजा जा
छेड़ दे कोई कहानी
अपनी मस्ती की रवानी सी ही
इस भीगे मौसम की तरह
मेरे गमों में आग लगा जा
मेरी खुशियों को अपनी सुगंध से
तू नहला जा।
आजा आजा
आसमान से उतरकर
आजा
मेरे आगोश में समा जा
मेरी रूह को लुभा जा
मेरे दिल का साज बजा जा
छेड़ दे कोई कहानी
अपनी मस्ती की रवानी सी ही
इस भीगे मौसम की तरह
मेरे गमों में आग लगा जा
मेरी खुशियों को अपनी सुगंध से
तू नहला जा।
0 Comments