इसी उम्मीद पर जिंदा कि


0

सिर के ऊपर
एक खुला हुआ नीला आसमान
पांव तले लहराती हरियाली
साथ में मिलकर काम करते
खेतों पर
हम मेहनतकश किसान तो
मिट जाती थकान
चेहरों पर खिलती
सुबह के सूरज की सी लाली
एक दूसरे का परस्पर सहयोग ही
हमारे जीवन का आधार
धरती मां अन्न देती
बादल बारिश
सूरज रोशनी
पेड़ हरियाली
हम सब एक दूसरे के काम में
हाथ बटांते
एक दूसरे की फिक्र करते
एक दूसरे के साथी
एक दूसरे के सहयोगी
इसी उम्मीद पर जिंदा कि
अपना साथ काम के साथ-साथ
प्यार भरा
यूं ही बना रहेगा
जन्म से मृत्यु तक।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals