इतना जो दिल अपना तोड़ा तो


0

इतना दिल मत तोड़ो
इतना जो दिल अपना तोड़ा तो
कुछ नहीं बचेगा
मुंह से कोई स्वर भी फिर फूट नहीं पायेगा
कुछ हाथ नहीं आयेगा
सब कुछ खामोश हो जायेगा
जिंदगी में अभी भी
ऐसा बहुत कुछ है बाकी जो
दिल का ख्याल रखते हैं
दिल को खुश रखते हैं
दिल की हिफाजत करते हैं
दिल को टुकड़ों में बंटने से रोकते हैं
दिल को आबाद रखते हैं
जिंदगी खत्म हो जाती है लेकिन
जिंदगी रहते इसमें खत्म होने वाला
कुछ नहीं होता
यह तो किसी की सोच पर निर्भर
करता है कि
वह अपने दिल को पुख्ता
बनाना चाहता है या फिर
कमजोर
दिल धड़कता रहे
दिल एक मद्धम लय से तरन्नुम
में गीत कोई गाता रहे
दिल एक फूल सा ही खिलता रहे मुस्कुराता रहे
गुनगुनाता रहे
दिल जब तक अपने सीने में धड़के
इस पर अपना ही बस रहे
किसी गैर का न कोई जोर चले।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals