आंखें


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मैं तो उन आंखों की तरफ

देखती हूं जिनमें होता है प्यार

उन आंखों की तरफ भला मैं क्यों देखूं जिनमें होती है

नफरत और दुत्कार

आंखें ही वह सशक्त माध्यम होती है जो

कर देती है

हर किसी के दिल के हाल का बखूबी बयान

मुंह से कोई कुछ भी कहता रहे पर

आंखों की भाषा जो पढ़ पाये

तो वह समझ लेता है सब कुछ

जो होता है एकदम सच और सही

आंखों के आंखों से मिलते ही तो

दिल में होती है कंपन और

बिना संवाद ही

सारे भाव खुलकर हो जाते हैं

एक दूसरे के मन मस्तिष्क में स्थानांतरित

आंखें तो होती है किसी के व्यक्तित्व का आईना

जो कर देती है बारीकी से उस व्यक्ति का

संपूर्ण लेखा जोखा प्रस्तुत सबके समक्ष

जिन जिन आंखों में कभी रहा हो आपके लिए प्यार

बस वह आस पास हों या न हों

आंखें बंद करके करो बस उन्हीं का स्मरण

प्रवेश मिलेगा फिर ऐसी प्रेम की गली में

जिससे बाहर निकलने का न फिर कभी

कोई रास्ता मिलेगा

मतलब कि सारी उम्र आंखो से प्रेम

बरसता रहेगा और

सारी उम्र प्रेम मिलेगा

बस प्रेम मिलेगा।


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