अपने जीवन की नैया करें प्रभु की इच्छानुसार पार


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जिंदगी में जब कोई

मुश्किल की घड़ी आये

कोई रास्ता न सूझे

कुछ समझ न आये तो

अपनी डोर थमा दो खुदा के हाथों में

वह जो करेगा सबसे अच्छा करेगा

हर किसी का भला करेगा

हर किसी को अपने आशीष से तरेगा ईश्वर का अस्तित्व है या नहीं

यह कोई बहस का विषय नहीं होना चाहिए

एक बात जो ज्यादा महत्वपूर्ण है

वह यह की किसी व्यक्ति में

किसी दूसरे के प्रति

अब चाहे वह कोई भी हो

आस्था, विश्वास व भक्ति का भाव

होना आवश्यक है

आस्था का दीपक मन के मंदिर में

निरंतर व स्थाई रूप से

बिना किसी रूकावट के

जलते रहना चाहिए

जीवन में जो कुछ हो रहा है

वह एक लीला है

एक बहुत ही अस्थाई काल्पनिक सी

घटना मात्र है

एक नौटंकी है

ड्रामा है

पर्दे पर चलता हुआ

कोई फिल्मी सीन है

हम सब इसके पात्र हैं

छोटे मोटे कलाकार हैं

इस नाटक का हिस्सा हैं

अपने अपने पात्र के चरित्र को जो निभाने के लिए  

मिला है उसे जी रहे हैं

जो मिल रहा है

उसमें कोई संतुष्टि प्राप्त करना

सीख ले और

उसे भगवान का प्रसाद समझकर

ग्रहण करे

यह अच्छा है

यह बुरा है

इस भ्रम के भंवर से खुद को बाहर निकाले

अपनी नैया की पतवार दे दे

प्रभु के हाथ और

बिना डरे करें अपने जीवन की

नैया प्रभु की इच्छानुसार पार।


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