अपने ख्यालों में ही


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समुद्र की यात्रा
होती होगी रोमांचक लेकिन
मैं तो इसके गहरे पानी में
अपने ख्यालों में ही उतरूंगी
एक छोटे से जहाज के किनारे पर ही
बैठूंगी
उसके भीतर प्रवेश करके
सफर की मस्ती को न
खत्म करूंगी
कभी आसमान के बादलों से
खुद को ढक लूंगी तो
कभी समुन्दर की लहरों की
गिनती करूंगी
गिनती बीच में भूल गई तो
दोबारा
तिबारा
बार-बार कोशिश करूंगी
समुन्दर के जल के रंग में
भी
अपने मन मुताबिक रंग
घोलने की कोशिश करूंगी
यह जलतरंग सा बज जाये या
इसका खारापन कुछ कम
होकर
मीठा पीने लायक हो जाये
यह सफल होता दिखता प्रयास भी करके देख लूंगी।


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