मेरे मन
एक बात
तू मुझे सच-सच बताना
तू भीतर से कुछ बेचैन रहता है क्या
तू खामोश है
कोई जवाब देना चाह रहा है पर
असमंजस की स्थिति में है
दे नहीं पा रहा
तू कोई प्रतिउत्तर दे या न दे
मुझे यह भलीभांति समझ आ रहा है कि
तू अशांत है
कोई ठोस कारण नहीं
पर है
कुछ समय पहले शायद तेरी यह
मनोस्थिति नहीं थी लेकिन
अब यह स्थिति है
अधीर रहना बेवजह
शायद तेरी प्रकृति बनती जा रही है
कुछ समय पहले तू नासमझ था
अब समझदार जो हो गया है तो
यह प्रबल बदलाव तो तुझमें आना ही था।
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