in

हम पंछी एक डाल के

हम पंछी एक डाल के

आज आसमान को छू लेंगे

सब मिलकर हर हाल में

जमीन के बाशिंदों को

अपनी दिखायेंगे सूरत तभी

जब जीत हासिल कर

कामयाबी का परचम लहरा

चेहरे के लबों पर दौड़ेगी

एक गुलाब की कली सी

खुशबू की तरंग की एक

गुलाबी सी चिंगारी बिखराती

चारों तरफ बस खुशी ही खुशी।