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वह इजाजत मांग रहा था

पहले उसको लगा कि

वह ठीक हो रहा है

भगवान शायद उसको

एक मौका और दे रहा है

जिन्दगी जीने का

कुछ समय इस दुनिया में रहने का

अपने परिवार के बीच

चंद लम्हे खुशियों के बिताने का

अपने शहर वापस लौटकर

अपने घर में

अपने मन मुताबिक रहने का

वह शारीरिक रूप से कमजोर

हो रहा था लेकिन

मानसिक और भावनात्मक रूप से

बहुत सशक्त था

जीने का हौसला उसमें कमाल का

था

हॉस्पिटल स्टाफ को लग रहा था कि

उसकी तबीयत में सुधार है

उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर

दिया गया था

उसे बस अपने घर वापस लौटने की

अनुमति मिलने ही वाली थी

वह हर किसी से

उमड़ उमड़कर

सबका अभिवादन करता

सबसे बहुत इज्जत,

मान सम्मान और प्यार से

मिल रहा था

वह बार बार सबसे पूछ रहा था कि

घर वापस कब चलेंगे

उसे जवाब मिलता था

कल सुबह

वह अपने घर लौटने के लिए

बेहद उत्साहित और खुश था

उसे हर एक पल एक सदी सा

प्रतीत हो रहा था

इस बार उसे उम्मीद नहीं थी कि

वह मौत को हराकर

जिन्दगी से जंग एक बार फिर से

जीत लेगा

लेकिन पलक झपकते ही

उसकी तबीयत एकाएक बिगड़ने

लगी

इस बार उसे समझ आ गया था कि

वह अब जिन्दगी से

दोबारा मिल नहीं पायेगा

उससे रूबरू नहीं हो पायेगा

उसे वापस गले नहीं लगा पायेगा

वह आईसीयू में शिफ्ट

होते समय

नम आंखों से पर

अभी भी मुस्कुराते हुए

सबको अलविदा कहते हुए

आखिरी सलाम करते हुए

इस दुनिया से

अपने दोस्तों से

अपने अजीजों से

हमेशा जुदा हो जाने की

उन सबसे बहुत दूर चले जाने की

रुखसत हो जाने की

इजाजत मांग रहा था।