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अपने जुनून का जादू

जिन्दगी को

जी नहीं पायेंगे जो

मन में कुछ कर गुजरने की ठानेंगे नहीं

सिर पर खुद के किसी पागलपन को

सवार नहीं करेंगे और

जुनून को अपनी कोख से जन्मे  

किसी बच्चे की तरह जो नहीं पालेंगे

जुनून किसी इंसान से बेहतर है कि

अपने काम का हो

इसके नतीजे बेहतर होते हैं

धोखे कम खाने को मिलेंगे

मायूसी कम हाथ लगेगी

बेवफाई से दिल की बत्ती

नहीं बुझेगी

जुनून का नशा सिर चढ़कर

बोलना चाहिए और

कोशिश या यह दुआ करते रहें कि

यह कभी उतरे नहीं

यह जो उतरा

आदमी का पैर भी फिर फिसला

आसमान तक पहुंचकर

जमीन पर सीधा

गिरा तो बचने की उम्मीद

फिर कम होगी

थोड़ी ऊंचाई से तो

सीने में दर्द गहरा होगा

दो तीन सीढ़ियां चढ़ने के बाद तो

शरीर को संभालने वाली

रीढ़ की हड्डी यानी

उसकी समर्थन प्रणाली चरमरा जायेगी

जुनून का मादा थोड़ा कम

अपने हिसाब से किया जा सकता है

आसमान के तारे तोड़कर लाने की

हिम्मत जुटा नहीं सकते तो

अपने घर के बगीचे से कोई फूल ही

तोड़ लाइये  

बहुत बड़ी सफलता हासिल नहीं

कर सकते

दुनिया को अपने आलिंगन में

नहीं समेट सकते

उसके लिए कोई नेक काम नहीं

कर सकते तो

कोई फिक्र नहीं

अपने घर की सजावट

ही अपने चमन के फूलों से

कर लीजिये  

घर के कमरे की कोई एक

खिड़की और रोशनदान हो तो

खोल लीजिये और

फूल को एक कोने में

मेज लगाकर

उस पर गुलदस्ता रखकर

उसमें लगाकर

उसे सजा दीजिये  

अपने घर को उसकी खुशबू से

महका दीजिये और

अपने जुनून का जादू

छोटे छोटे प्रयासों से

कायम रखिये

जिंदा रखिये

उसे गति दीजिये

दिशा दीजिये

मंजिल का निशान,मुकाम और

पता दीजिये।