आज जो हासिल है वैसा ही लगभग कल रहे
तन हो जाये बेशक थोड़ा कमजोर और ढीला लेकिन
मन प्रसन्नचित्त और दिल जवान रहे
इससे भी बढ़कर यह कि आत्मविश्वास धरती सा फैला और हौसला आसमान छूता विशाल रहे।
आज जो हासिल है वैसा ही लगभग कल रहे
तन हो जाये बेशक थोड़ा कमजोर और ढीला लेकिन
मन प्रसन्नचित्त और दिल जवान रहे
इससे भी बढ़कर यह कि आत्मविश्वास धरती सा फैला और हौसला आसमान छूता विशाल रहे।
0 Comments