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तस्वीर: सरोज “कंचन” द्वारा रचित कविता

नाम हर सांस पर तेरा ही लिखा रखा है।
दिल के कैनवास पे तस्वीर बना रखा है।।
दरो दीवार में, हर शय में नजर आते हो,
हवा के झोंके में छू कर निकल जाते हो
अपने ख्वाबों को तेरे रंग में रंगा रखा है।
दिल के कैनवास पे तस्वीर बना रखा है।।
आईने नहीं रखा करते हैं कभी यादों को,
सुकूं मिलता है शाबीहों में दिलशादों को
तेरी हर ख्वाहिशें पलकों पे बिठा रखा है।
दिल के कैनवास पे तस्वीर बना रखा है।।
जिक्र छिड़ते तेरी तस्वीर उतर आती है
उदास महफिल को रंगीन बना जाती है
उनकी हर दीद पर अब ईद मना रखा है।
दिल के कैनवास पे तस्वीर बना रखा है।।
फुरसतें, जब कभी यादों की हवा देती हैं,
तृषा, निगाहें जिसे बस देख मिटा लेती हैं
लोग कहते हैं, बस हयात-ए-फना रखा है।
दिल के कैनवास पे तस्वीर बना रखा है।।